संतों के सानिध्य में बाबा अमीर गिरी घाट पर किया गया पौधारोपण

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संतों के सानिध्य में बाबा अमीर गिरी घाट पर किया गया पौधारोपण

पर्यावरण को शुद्ध रखने में वृक्षों की अहम भूमिका-श्रीमहंत विनोद गिरी
हरिद्वार, 22 अक्टूबर। बाबा अमीर गिरी घाट पर वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमहंत विनोद गिरी महाराज के संयोजन में संत महापुरूषों के सानिध्य में पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर गीता मनीषी साध्वी राधा गिरी ने कहा कि महाकुंभ मेले की समयावधि निकट है। धर्मनगरी के गंगा घाटों को हराभरा बनाने के उद्देश्य से पौधरोपण अभियान किया जाना जनहित में लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में पेड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि पौधों की रक्षा सभी को मिलजुल कर करनी चाहिए। पौधे जीवन प्रदान करते हैं। जीवन को सुरक्षित रखने में पौधे लगाना नितांत आवश्यक है। श्रीमहंत विनोद गिरी महाराज ने कहा कि बाबा अमीर गिरी घाट पर संतों के सानिध्य में वृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। वृक्ष जीवन पर आ रहे संकट को दूर करने में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षों का कटान पूर्ण रूप से बंद होना चाहिए। धर्मनगरी को हरा भरा बनाने के लिए सभी को मिलजुल कर अपनी सहभागिता निभानी होगी। महाकुंभ मेले का आयोजन हरि की नगरी में होना है। देश विदेश से श्रद्धालु भक्त महाकुंभ मेले में स्नान करने के लिए पहंुचेंगे। ऐसे में गंगा घाटों के सौन्दर्यकरण के साथ साथ घाटों पर छायादार वृक्ष लगाए जाने चाहिए। हवा को शुद्ध रखने के लिए पेड़ निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पौधों की रक्षा करना प्रत्येक मानव का परम कर्तव्य होना चाहिए। पौधे हमारे जीवन को सुखद बनाते हैं। पर्यावरण का संरक्षण सभी का दायत्वि है। पौधारोपण में शामिल हुए सीओ अभय सिंह ने कहा कि संत महापुरूष धर्मनगरी के सौन्दर्यकरण व स्वच्छता अभियानों के माध्यम से आमजनमानस को जनजागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धरती पर पेड़ रहेंगे तो जीवन भी सुरक्षित होगा। जल जंगल जमीन बचाने के लिए सभी को सहयोग करना चाहिए। धर्मनगरी में विश्व भर से श्रद्धालु यात्रियों को आगमन गंगा घाटों पर होता है। घाटों को स्वच्छ सुन्दर बनाए रखने के लिए पौधरोपण लगातार चलाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि महाकुंभ मेला सनातन परंपराओं का केंद्र बिन्दु है। धर्मनगरी में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा घाटों पर सुख सुविधाएं मिलनी चाहिए। घाटों पर वृक्ष लगाए जाने से गंगा घाटों की सुन्दरता और अधिक बढ़ेगी। पर्यावरण भी शुद्ध होगा। इस अवसर पर जूना अखाड़े के सचिव स्वामी देवानंद महाराज, स्वामी ललितानंद गिरी, स्वामी साधनानंद, आराधना नंद गिरी, कथा वाचक राधा गिरी, पार्षद अनिल मिश्रा, ओंकार पाण्डे, शिवदास, बागेश्वर पाण्डेय, डा.हर्षवर्द्धन जैन, सुनील मिश्रा आदि सहित बड़ी संख्या में संत महंत शामिल रहे।

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