गीता जयंती महोत्सव’ में रवीन्द्र पुरी को गीता रत्न

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‘गीता जयंती महोत्सव’ में रवीन्द्र पुरी को गीता रत्न
भगवद्गीता का वास भगवान कृष्ण का है – महामंडलेश्वर श्रीश्री संतोषी माता

हरिद्वार। ‘श्रीमद्भगवद्गीता ऐसा एकमात्र ग्रंथ है, जिसका वास भगवान श्रीकृष्ण के हृदय में है। गीता केवल ज्ञान, भक्ति, सांख्य अथवा योग-कर्म की शिक्षा प्रदान करने वाला ही ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह बिना किसी स्थान, जाति-धर्म अथवा सम्प्रदायिक भेदभाव के हमें एक सबल सहारा, विश्वास एवं आश्रय प्रदान करता है।’ यह उद्गार महामंडलेश्वर श्रीश्री संतोषी माताजी ने अध्यात्म चेतना संघ, हरिद्वार द्वारा मोतीमहल मण्डपम में देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में आयोजित आठवें भव्य गीता जयंती महोत्सव के दौरान व्यक्त किये। उन्होंने आगे कहा कि गीता केवल एक देशीय तथा महाभारतकालीन ग्रंथ न होकर सर्वदेशीय तथा सर्वकालिक समाधानों का ग्रंथ है, जिसकी शरण लेने पर व्यक्ति भगवान श्रीकृष्ण से सीधा साक्षात्कार करता है।
संस्था के संस्थापक एवं संचालक आचार्य करुणेश मिश्र ने इस अवसर पर अनेक उदाहरणों के द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के महत्व को बतलाया और कहा कि गीता किसी हमारे जितने भी ग्रंथ हैं, वह सब किसी न किसी व्यक्ति विशेष पर आधारित हैं, लेकिन गीता एक मात्र ग्रंथ है, जो मानवमात्र के जीवन में आने वाली समस्याओं के सूत्र प्रदान करता है। यही कारण है कि विश्व में केवल श्रीमद्भगवद्गीता की ही जन्म जयंती मनायी जाती है। उन्होंने कहा कि बताया कि गीता के ज्ञान के प्रचार-प्रसार एवं विश्व कल्याण की भावना से ही प्रतिवर्ष प्रत्येक वर्ष अध्यात्म चेतना संघ द्वारा इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि गीता सम्पूर्ण विश्व में किसी भी समस्या के महासागर में पड़े हर व्यक्ति को अंतिम समाधान प्रदान करती है। कार्यक्रम के दौरान अन्य उपस्थित विद्वानों ने भी गीता पर अपने विचार प्रकट किये तथा रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने इस अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएँ प्रदान कीं। श्रीमती कमला जोशी ने समाज में महिलाओं के योगदान तथा महत्व के साथ-साथ वर्तमान में उनके साथ हो रहे सामाजिक अत्याचारों की ओर ध्यान आकर्षित किया तथा इसके लिये दोषियों को कड़ा दंड देने की बात की। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जे.सी. जैन ने की।
महंत रवीन्द्र पुरी को ‘गीता रत्न’
कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीमंसादेवी ट्रस्ट के श्रीमहंत तथा निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर श्री रविन्द्र पुरी महाराज को इस वर्ष का गीता रत्न सम्मान प्रदान करने की घोषणा की गयी, जिसे उनकी ओर से एस.एम.जे.एन. महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सुनील बत्रा ने ग्रहण किया। इसके अतिरिक्त प्रसिद्ध मर्म-चिकित्सक डा. सुनील जोशी, साहित्यकार डा. राधिका नागरथ, सुगम संगीत के कलाकार हेमंत पाठक, गीतकार रमेश ‘रमन’, पर्यावरणविद् डा. बी.डी. जोशी और एड. ललित मिगलानी को ‘हरिद्वार गौरव’ के सम्मान से सम्मानित किया गया।
राधिका बनीं विजेता
संस्था द्वारा हजारों स्कूली विद्यार्थियों के लिये प्रति वर्ष आयोजित की जाने वाली गीता ज्ञान प्रतियोगिता के स्थान पर इस बार प्रतियोगिता प्रभारी अरुण कुमार पाठक के निर्देशन में कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लगभग सभी लोगों ने ‘गीता ज्ञान प्रतियोगिता’ में भी भाग लिया। इस प्रतियोगिता में डा. राधिका नागरथ ने प्रथम, डा. भारत वेदालंकार ने द्वितीय तथा मोहित शर्मा ने तृतीय पुरस्कार जीता, जबकि नरेन्द्र बांगा, सर्वेश गुप्ता, दलजिन्दर, नाहर सिंह कटारिया, राखी धवन, हर्षिता अरोड़ा, प्रमिला, काजल यादव, आशुतोष शर्मा और अंकुर पालीवाल ने प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त किये।
दीप प्रज्वलन के उपरांत कार्यक्रम का आरम्भ ‘मधुरम काॅटेज आॅफ ट्रस्ट’ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गुरु वंदना से हुआ। झंकार नृत्य समूह की सुश्री स्वाती वर्मा तथा उनकी सखियों द्वारा प्रस्तुत कृष्ण-अर्जुन संवाद पर आधारित मनमोहक नृत्य नाटिका ‘विश्वरूपम्’ तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ अभिषेक ‘प्रियादास’ व उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत भजनों का उपस्थित दर्शकों ने खूब आनन्द लिया। कार्यक्रम का संचालन विजयेन्द्र पालीवाल ने किया। संस्था अध्यक्ष प्रो. पी.एस. चौहान ने संस्था द्वारा किये जा रहे कार्य कलापों को प्रस्तुत किया। अंत में उपाध्यक्ष अर्चना वर्मा ने आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में स्वामी श्री संतमुनि जी महाराज के साथ-साथ, नगर प्रमुख श्रीमती अनीता शर्मा, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, संजीव गुप्ता, संदीप जैन, योगी रजनीश, श्रीधर शास्त्री, डा. शक्तिधर शर्मा आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। संस्था की ओर से कार्यक्रम संयोजक ब्रजेश शर्मा, भूपेन्द्र कुमार गौड़, एम. सी. काला, प्रदीप सिखौला, प्रभांष मिश्रा, नेहा मलिक, राखी धवन, संगीता गुप्ता, शशिकांत गर्ग, जितेन्द्र मिश्रा, उपमा मिश्रा, प्रेम शंकर शर्मा, सिद्धार्थ प्रधान, प्रमोद शर्मा, योगेश शर्मा, ताराचंद विरमानी, आशीष चौहान, अशोक सरदार, अधीर कौशिक, ऋतु तोमर, सुमन राजपूत, कमला जोशी, सुमन राजपूत, ऋतु तोमर, मनीष चौहान, चंदन शर्मा, नरेन्द्र कुमार बाँगा, उमेश खेवड़िया, कन्हैया सिखौला, सौरभ सिखौला, प्रमोद शर्मा आदि उपस्थित थे।

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