खाकी में इंसान ….खुद कोरोना संक्रमित होते हुए निभा रहे हैं ..मानव धर्म

Haridwar News Health

इसे कहते हैं खाकी में इंसान ……खुद कोरोना संक्रमित होते हुए निभा रहे हैं मानव धर्म हरिद्वार सबसे बड़ा धर्म है जो मानवीय कार्य करता है उसको हम महामानव कहते हैं वह मानव से ऊंचा दर्जा प्राप्त करता है मानवीय कार्य करने वाला किसी भी क्षेत्र में हो सकता है वह संत भी हो सकता है गृहस्थ हो सकता है सामाजिक कार्यकर्ता भी हो सकता है परंतु जब पुलिस की खाकी वर्दी में हम मानवीय सेवा करते हुए पुलिस के किसी अधिकारी या कर्मचारी को देखते हैं तो उसके पति मन में भाव श्रद्धा के भर आते हैं कहते हैं खाकी में भी इंसान होता है और खाकी वर्दी वाला पुलिसकर्मी समाज की सेवा करते करते अपने जीवन को खा कर देता है और उफ तक नहीं करता ऐसी मिसाल हमें हरिद्वार में कुंभ मेले के दौरान मिली जब कोविड-19 से तीर्थ नगरी के लिए हुई नजर आई ऐसे में हरिद्वार एसएसपी के जनसंपर्क अधिकारी पुलिस निरीक्षक विपिन पाठक स्वयं कोरोना संक्रमित होने के बावजूद वह घर से ही कोरोना पीड़ितों की मदद कर मित्र पुलिस की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं, ऐसा ही एक मामला सामने आया है ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाले छात्र दिव्यांशु का , दरअसल दिव्यांशु कोरोना संक्रमित है और ऐसे में उसके परिचित उसकी दवाई का इंतजाम नहीं कर पा रहे थे, दिव्यांशु ने हारकर एसएसपी कार्यालय में फोन किया और दवा उपलब्ध कराने की मांग की, इस एसएसपी के जनसंपर्क अधिकारी विपिन पाठक ने छात्र की मदद करते हुए दिव्यांशु को कोरोना दवाई की किट उपलब्ध करवाई, हरिद्वार पुलिस के इस अधिकारी श्री पाठक चौतरफा प्रशंसा हो रही रही है जिन्होंने अपना कर्तव्य निभाया इसे कहते हैं खाकी में इंसान

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