पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से आरोपित राजीव को किया गिरफ्तार

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हरिद्वार रेप-हत्याकांड मामला: फरार एक लाख का आरोपित राजीव गिरफ्तार, परिजनों ने की फांसी की मांग
*पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से आरोपित राजीव को किया गिरफ्तार ,पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से आरोपी राजीव को किया गिरफ्तार.

*एक हफ्ते के भीतर पुलिस ने सभी आरोपियों को दबोचा पुलिस की कार्यवाही की जा रही है तारीफ
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में हुए मासूम बिटिया के साथ रेप व उसके बाद हत्या के मामले में पुलिस को फरार अभियुक्त राजीव यादव को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है. पुलिस टीम ने डीजीपी के निर्देशों पर और सीओ मंगलौर अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में फरार अभियुक्त राजीव को यूपी के सुलतानपुर जिले से गिरफ्तार किया है. पुलिस की 10 अलग-अलग टीमों द्वारा फरार आरोपित की तलाश में पांच राज्यों के पांच-पांच जिलों के साथ 300 होटल में दबिश दी गई थी.करीब 7 दिन की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस के हाथ यह सफलता मिली है.वहीं,हरिद्वार पुलिस के ऊपर फरार अभियुक्त को गिरफ्तार करने का भारी दबाव था.अब अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चैन की सांस ली है.

हरिद्वार एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस का कहना है कि पिछले रविवार हरिद्वार में जघन्य अपराध हुआ था. इस मामले में पुलिस ने दूसरे फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया गया. यह पुलिस के लिए बड़ा चैलेंज था और अब इस घटना की जांच बहुत ही अच्छे तरीके से करनी है, क्योंकि हरिद्वार के लोगों में काफी आक्रोश है.

उन्होंने बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पांच राज्यों दबिश दी गई थी. साथ ही 300 होटल धर्मशाला में आरोपी की तलाश की गई. इस मामले में 300 लोगों का सीडीआर और 200 लोगों से पूछताछ की गई. साथ ही यूपी के 5 जिलों में पुलिस की टीम ने दबिश दी फरार आरोपी को पकड़ने के लिए उनके द्वारा 10 टीमें बनाई गईं थी. सभी टीमों की रोज डीजीपी द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही थी. डीआईजी द्वारा भी हरिद्वार के तमाम अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जा रहे थे. आरोपियों को आपराधिक इतिहास के बारे में भी द्वारा जांच की जा रही है.

फरार अभियुक्त की गिरफ्तरी के बाद मृतक बिटिया के परिजन सभी अभियुक्तों के लिए फांसी की मांग कर रहे हैं. पीड़ित परिजनों का कहना है उनकी बच्ची के साथ दरिंदगी की गई. उसको किडनैप किया गया और रेप के बाद हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस घटना में उस वक्त एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया मगर एक आरोपित पुलिस की गिरफ्त से भाग गया. इस मामले में जांच होनी चाहिए कि आखिर आरोपी पुलिस की गिरफ्त से कैसे फरार हो गया.

हरिद्वार पहुंचे राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का कहना है सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्य किया है. सरकार द्वारा इस मामले में तुरंत एक्शन लिया गया गया, जिस कारण फरार अभियुक्त को पकड़ने में सफलता मिली है. इस दुःख की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है. कार्यवाहक मुख्यमंत्री मदन कौशिक द्वारा भी इस मामले में अथक प्रयास किये गए. इस तरह के घिनौने अपराध करने वालो को कतई बख्शा नहीं जाएगा. मासूम बिटिया के साथ हैवानियत करने वाले अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने का सरकार द्वारा प्रयास किया जाएगा. घटना में सम्मिलित लोगों पर भी करवाई की

गौरव यादव को शनिवार शाम तीन बजे गिरफ्तार किया गया था. इसके पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया है, जहां से कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. बताजा जा रहा है कि अपने भाई को राजीव का छिपाने और फरार कराने में गौरव की अहम भूमिका रही. हरिद्वार पुलिस टीम राजीव की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली, यूपी और हिमाचल के अलग-अलग में दबिश दे रही थी

.20 दिसंबर को ऋषिकुल इलाके में 11 साल का नाबालिग लड़की की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन एक आरोपी राजीव अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था. जिसकी तलाश में पुलिस जुटी रही. आरोपी पर उत्तराखंड सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया की थी. पुलिस ने आखिरकार राजीव को गिरफ्तार कर दिया है हरिद्वार में 11 साल की मासूम से दुष्कर्म और हत्यारोपी राजीव पेशेवर अपराधियों से भी शातिर निकला। पुलिस से एक कदम आगे की चाल चलकर राजीव ने पुलिस को छकाया। राजीव तक पहुंचने के लिए 150 पुलिस कर्मियों ने सात दिनों में 250 लोगों की सीडीआर और 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। दो सौ लोगों से पूछताछ और 350 होटलों और गेस्ट हाउसों की खाक छानी। आखिर में छोटे भाई की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आसानी से राजीव तक पहुंच सकी।

20 दिसंबर की रात बच्ची का शव मिलते ही राजीव कुमार पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। राजीव अपने परिवार के साथ नया हरिद्वार में रहता था। घर पहुंचते ही परिवार के सभी सदस्यों को साथ लेकर गायब हो गया था।
उसकी आखिरी लोकेशन घटना वाली रात ही रुड़की आई थी। इसके बाद उसका फोन ऑन नहीं हुआ। राजीव का दिमाग पुलिस से तेज पेशेवर अपराधी से ज्यादा तेज चला। उसने अपने किसी भी परिचित और रिश्तेदारों को फोन नहीं किया। पुलिस ने 250 से अधिक मोबाइल की सीडीआर खंगाली, लेकिन किसी में राजीव की खास जानकारी नहीं मिली।
पुलिस का दबाव और छापामारी के बीच राजीव ने अपना परिवार दिल्ली में सुरक्षित जगह छोड़ा और वहां से सुल्तानपुर यूपी चला गया। पुलिस उत्तराखंड के अलावा यूपी, पंजाब, हरियाणा में संभावित ठिकानों में छापा मारती रही।
पुलिस के छापे की भनक लगते ही वह अपने ठिकाने बदलते रहा। बाहरी जिलों की पुलिस की मदद ली गई। रोडवेज और रेलवे स्टेशनों पर उसकी पहचान के लिए फोटो कापी बांटी गई। होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं छानी गई। करीब दो सौ रिश्तेदार, नातेदार और परिचितों से पूछताछ की गई।

राजीव नेपाल भागने की फिराक में था। छोटे भाई से हरिद्वार नकदी का जुगाड़ करने के लिए भेजा था। पुलिस ने भाई गौरव को दबोचा तो राजीव भी शिंकजे में फंस गया।

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