श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर पद पर सुशोभित होंगे स्वामी श्री कैलाशानंद गिरी

Haridwar News

कार्यक्रम को व्यापक रूप देने में लगे हैं महन्त श्री नरेंद्र गिरी और महन्त श्री रविंद्र पुरी महाराज
गाजे बाजे के साथ स्वामी श्री कैलाशानंद गिरी की दिव्य भव्य शोभा यात्रा
हरिद्वार 14 Jan आज मकर संक्रांति के पावन पर्व के अवसर पर दक्षिण काली पीठाधीश्वर स्वामी श्री कैलाशानंद गिरी महाराज आज शुभ मुहूर्त में जगतगुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित दशनाम नागा सन्यासियों के सबसे प्रतिष्ठित श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सर्वोच्च एवं प्रतिष्ठित पद आचार्य महामंडलेश्वर के पद पर सुशोभित होंगे श्री दक्षिण काली पीठ चंडी घाट से गाजे बाजे के साथ स्वामी श्री कैलाशानंद ब्रह्मचारी की दिव्य भव्य शोभायात्रा निरंजनी पंचायती अखाड़े की ओर प्रस्थान कर गई जिसमें भारी तादाद में हिस्सा लिया श्री निरंजनी पंचायती अखाड़े के सचिव महन्त श्री नरेंद्र गिरी महाराज श्री निरंजनी पंचायती अखाड़े के सचिव एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जनप्रिय संत महन्त श्री रविंद्र पुरी महाराज के कुशल निर्देशन और मार्गदर्शन में पट्टा विशेष समारोह की भव्य दिव्य तैयारियां की गई है

श्री महन्त रविंद्र पुरी महाराज के द्वारा रात दिन एक करके इस कार्यक्रम को मूर्त रूप दिया गया है उनके अथक प्रयासों से यह कार्यक्रम संभव हो पाया उन्होंने कहा कि एक विद्वान संत आचार्य महामंडलेश्वर पद पर श्री कैलाशानंद गिरी के रूप में अखाड़े में प्रतिष्ठित हो रहे हैं पिछले साल 31 दिसंबर को श्री जगदगुरू आश्रम कनखल के प्रमुख महामंडलेश्वर राज राजेश्वराश्रम महाराज ने अपने आश्रम में श्री ब्रह्मचारी कैलाशानंद महाराज को सन्यास दीक्षा दी थी और उनकी चोटी काटी गई थी और उन्हें विभूति स्नान किया गया था और इस साल 1 जनवरी को कैलाशानंद ब्रह्मचारी के जन्मदिन के दिन शुभ मुहूर्त में कनखल के काली मंदिर आश्रम में कैलाशानंद ब्रह्मचारी को विधि विधान से सन्यास दीक्षा दी गई थी

कैलाशानंद ब्रह्मचारी जी महाराज अब आचार्य महामंडलेश्वर श्री कैलाशानंद गिरी के नाम से सन्यास जगत में ही नहीं पूरे विश्व में जाने जाएंगे संस्कृत और भारतीय धर्म ग्रंथों के प्रकांड पंडित और तपस्वी संत आचार्य महामंडलेश्वर श्री कैलाशानंद गिरी महाराज मां काली और शिव के भक्त हैं और सावन में वे कठोर साधना करके 1 महीने तक 12 से 18 घंटे तक शिव का रुद्राभिषेक करते हैं और साल में दो नवरात्रों में मां काली की घोर साधना करते हैं जब से वे हरिद्वार में आए तब से उन्होंने कठोर साधना तपस्या की और अपने व्यवहार और कुशल वाणी के द्वारा वे हरिद्वार वासियों के दिलों पर छा गए इसी तरह महन्त

श्री रवींद्र पुरी महाराज ने जब निरंजनी अखाड़ा और श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट तथा एसएम जेएन पीजी कॉलेज और श्री रामानंद स्ट्रीट की कमान संभाली तब से इन सभी संस्थानों को उन्होंने शीर्ष पर पहुंचाने के लिए अथक प्रयास किया और पूरे हरिद्वार वासियों का दिल जीत लिया निरंजनी अखाड़े के सचिव महन्त श्री नरेंद्र गिरी महाराज ने जब से अखाड़े की कमान संभाली तब से उन्होंने अखाड़ा परिषद को एक धार दी और अखाड़ा परिषद की धाक जमाई और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर श्री पंच दश जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महन्त श्री हरि गिरि महाराज ने अखाड़ा परिषद की साख को चार चांद लगाने में अहम सहयोग दिया इन महान संतों की वजह से आज हरिद्वार के संत समाज का पूरे विश्व में मान-सम्मान बना हुआ है और हर कोई उन्हें सम्मान प्रदान करता है श्री आचार्य कैलाशानंद गिरि महाराज के पट्टा अभिषेक समारोह जहां राजनीति धर्म क्षेत्र से जुड़ी महान विभूतियां शामिल हुई वहीं आम जनमानस भी इस कार्यक्रम में शामिल हुआ ऐसा भव्य समारोह आज तक हरिद्वार में किसी आचार्य महामंडलेश्वर के पट्टा विशेष समारोह में नहीं हुआ है

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