ग्राम पंचायतों के लिए उपग्रह आधारित नेटवर्क पर संक्षिप्त रिपोर्ट – आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत लघु वृत्तचित्र का विमोचन

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ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए उपग्रह आधारित ब्रॉडबैंड नेटवर्क भारतनेट परियोजना 17 राज्यों में दूरस्थ स्थानों (ग्राम पंचायतों) के लिए बनाई गई जहां ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी संभव नहीं थी | उत्तराखंड राज्य में परियोजना के तहत वीसैट स्थापना की योजना 175 ग्राम पंचायतों (गढ़वाल मंडल -114, कुमाऊं मंडल – 61) के लिए बनाई गई । उत्तराखंड के कुछ दूरस्थ और महत्वपूर्ण क्षेत्र / ब्लाक जो इस परियोजना में शामिल हैं – पिथौरागढ़ जिले में मुनस्यारी और धारचूला, बागेश्वर जिले में कपकोट, चमोली जिले में जोशीमठ, टिहरी गढ़वाल जिले में भिलंगना और उत्तरकाशी जिले में भटवारी | वीसैट नवंबर 2020 से स्थापित किये जा रहे हैं और अब तक 115 वीसैट साइटों को क्रियान्वित कर दिया गया है ।
ये सभी वीसैट KU -Band में संचालित होते हैं और जीसैट-11 & जीसैट-19 उच्च थ्रूपुट उपग्रहों के गेटवे से जुड़े हुए हैं जिनकी डाउनलोड गति 100 एमबीपीएस और अपलोड 15 एमबीपीएस होती है। बिना किसी अतिरिक्त व्यवस्था के लैपटॉप या वाईफाई राउटर के माध्यम से इंटरनेट के लिए इस प्रणाली का आसानी से उपयोग किया जा सकता है ।
वीसैट के माध्यम से स्थानीय लोगों को इंटरनेट की सुविधा मिल रही है एवं वे इस सेवा से खुश हैं । दूरसंचार विभाग द्वारा जारी किए गए लघु वृत्तचित्र में जिला पिथौरागढ़ के ब्लॉक धारचूला के गाँव डुकटू, गुंजी और नाभी, ब्लॉक बिन के गाँव मलाणा, एवं ब्लॉक मुनस्यारी के गाँव टोमिक और बोना, जिला टिहरी ब्लॉक प्रतापनगर के गाँव पोखरी और लिखवार, जिला चमोली ब्लॉक घाट के गाँव पडरगांव, जिला उत्तरकाशी ब्लॉक मोरी के गाँव धारा और सिरगा, स्थानीय लोगों ने इसकी उपयोगिता के बारे में कहा है जिसे इस लिंक पर देखा जा सकता है

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