कुंभ में छाया कोरोना का ग्रहण नागा सन्यासियों के अखाड़ों में पसरा सन्नाटा

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हरिद्वार कुंभ में छाया कोरोना का ग्रहण नागा सन्यासियों के अखाड़ों में पसरा सन्नाटा हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में भय व्याप्त है और अब तक नागा सन्यासियों के 7 अखाड़ों में से पांच अखाड़े श्रीमहंत निरंजनी पंचायती अखाड़ा श्री तपो निधि आनंद अखाड़ा श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा श्री पंचायती आवाहन अखाड़ा और श्री अग्नि अखाड़ा कुंभ क्षेत्र से अपने टेंट मारने शुरू कर दिए हैं और सामान समेटना शुरू कर दिया है अखाड़ों की छावनी में सन्नाटा पसरा हुआ है अखाड़ा में इक्के दुक्के साधु ही बचे हुए हैं और टेंट वाले टेंट उखाड़ रहे हैं 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का स्नान नागा संन्यासी प्रतीकात्मक रूप से करेंगे और दस बारह सन्यासी हर की पौड़ी पर स्नान करने जाएंगे नागा साधुओं का कहना है कि उनकी आचार्य महामंडलेश्वर ने उन्हें आश्रम कपड़े खाली करके जाने का आदेश दिया है ताकि कोरोना महामारी से बचा जा सके जबकि अभी बैरागी उदासीन और निर्मल अखाड़े के संत 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का स्नान कर करके ही जाएंगे उनके डेरे लगे हुए हैं उनकी छावनी में भजन कीर्तन जारी है कोरोना का काला साया छाया हुआ है जहां अब तक 5 अखाड़ों श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा, तपो निधि आनंद अखाड़ा, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा श्री पंचायती आवाहन अखाड़ा तथा श्री पंच अग्नि अखाड़ा ने भी कुंभ के समापन का ऐलान किया है और अपने देवताओं को विसर्जन कर कुंभ क्षेत्र खाली करना शुरू कर दिया है वहीं आज दो अन्यथा ना श्री पंच अग्नि अखाड़ा और श्री पंचायती आवाहन अखाड़ा ने भी आज कुंभ क्षेत्र की अपनी छावनी खाली करने का निर्णय लिया और अपना सामान लादकर अपने संतो को अपने-अपने प्रदेशों और मठों में जाने के निर्देश दिए अब इस तरह से पांच अखाड़ों ने कुंभ क्षेत्र खाली करना शुरू कर दिया है और कुंभ से अपने को अलग कर दिया है जबकि अभी 27 अप्रैल के आखिरी शाही स्नान के लिए बैरागी संप्रदाय के तीन , उदासीन संप्रदाय के दो तथा निर्मल संप्रदाय का एक अखाड़ा अपनी-अपनी छावनी में तैनात है
उधर जिला स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक अखाड़े आश्रमों में कोरोना की जांच लगातार की जा रही है और अब तक सवा दो सो से ज्यादा साधु संतों को कोरोना संक्रमित पाया गया है जिनमें निरंजनी अखाड़े के 22 से ज्यादा साधु है
वहीं दूसरी ओर संन्यासी अखाड़ों द्वारा कुंभ समापन की घोषणा के बाद अखाड़ों के साधु संत अपने अपने निवास स्थान के लिए रवाना होने शुरू हो गए कोरोना का प्रकोप पूरे देश में बड़े पैमाने पर बढ़ रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद हरिद्वार में चल रहे महाकुंभ का संन्यासी अखाड़ों द्वारा समापन किया गया है जिससे धर्म नगरी हरिद्वार में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोका जा सके निरंजनी आनंद जूना आवाहन अग्नि और किन्नर अखाड़े द्वारा अपने अपने देवी देवताओं का विसर्जन किया गया और कुंभ के समापन की घोषणा की गई
अग्नि अखाड़े के श्री महंत साधनानंद का कहना है कि कुंभ मेला सभी के अंतर्मन में स्थापित है और मगर कोरोना के कारण अधिक लोग कुंभ में ना आए संन्यासी अखाड़ों द्वारा विचार करके निर्णय लिया गया कम संख्या में साधु संत यहां पर रहे और प्रतीकात्मक रूप से कुंभ मेले को मनाए हमारे द्वारा अपने इष्ट गायत्री का पूजन पाठ नित्य किया जाएगा और हमारी धर्म ध्वजा कुंभ मेले तक स्थापित रहेगी जिसे शुभ मुहूर्त पर जल्दी ही विसर्जित जाएगा
अब तक नागा सन्यासियों के 7 अखाड़ों में से पांच अखाड़े श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा श्री तपो निधि आनंद अखाड़ा श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा श्री पंचायती आवाहन अखाड़ा और श्री अग्नि अखाड़ा कुंभ क्षेत्र से अपने टेंट उखाड़ने शुरू कर दिए हैं और सामान समेटना शुरू कर दिया है अखाड़ों की छावनी में सन्नाटा पसरा हुआ है अखाड़ों में इक्के दुक्के साधु ही बचे हुए हैं और टेंट वाले टेंट उखाड़ रहे हैं 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का स्नान नागा संन्यासी प्रतीकात्मक रूप से करेंगे और दस बारह सन्यासी हर की पौड़ी पर स्नान करने जाएंगे नागा साधुओं का कहना है कि उनको आचार्य महामंडलेश्वर ने अखाड़ा खाली करके जाने का आदेश दिया है ताकि कोरोना महामारी से बचा जा सके जबकि अभी बैरागी उदासीन और निर्मल अखाड़े के संत 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का स्नान करके ही जाएंगे उनके डेरे लगे हुए हैं उनकी छावनियों में भजन कीर्तन जारी है

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