एमएसएमई देश की रीढ है- हिमेश कपूर

Uttarakhand

एमएसएमई देश की रीढ है- हिमेश कपूर भारतवर्ष की आर्थिक स्थिति में एमएसएमई सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है क्योंकि यह सेक्टर सीधा जनता से जुड़ा होता है और कम लागत से स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उद्योग लगाकर स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार देकर उत्पादन करता है l जिसमें कम लागत के स्थानीय कच्चा माल को ही प्राथमिकता दी जाती है l इसकी आज की परिभाषा माइक्रो उद्योग जिसमें एक करोड़ तक की इन्वेस्टमेंट और 5 करोड़ तक टर्नओवर रहता है, स्मॉल उद्योग जिसमें 10 करोड़ इन्वेस्टमेंट और 50 करोड़ टर्नओवर रहता है ,मीडियम उद्योग इसमें 50 करोड़ इन्वेस्टमेंट और ढाई सौ करोड़ का टर्नओवर रहता है इसका देश की जीडीपी में योगदान लगभग 30% का है और भारत के एक्सपोर्ट में 48% का योगदान है यह देश में 45% व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करता है सरकार का उद्देश्य जीडीपी के योगदान को बढ़ाकर 40% करने का है l हमारे राज्य उत्तराखंड में भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम उद्योग महत्वपूर्ण है l पहाड़ों में इन उद्योगों के लिए पूर्व में जो नीतियां बनाई गई वह इतनी सफलता नहीं प्राप्त कर सकें l इसके लिए पुनः मंथन कर नीतियों को दोबारा परिभाषित करने की आवश्यकता है l जिससे यह स्थानीय उत्पादों का उपयोग कर स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान कर सके l हमारी संस्था सेवा उत्तराखंड के एमएसएमई सेक्टर हितों को देखती है, अतः यह सुझाव हम सरकार को देते हैं की उत्तराखंड में पहाड़ों में छोटे औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित कर उसमें पानी बिजली सड़क की बेहतरीन व्यवस्था कर सीवर लाइन के पानी का निस्तारण की व्यवस्था कर सुरक्षा हेतु बाउंड्री वॉल बनाकर पहले से पास की हुए नक्शे के अनुसार प्लॉट आवंटित किए जाएं जिससे यह सप्लाई का हिस्सा बन सकें l हमारे रुद्रपुर एवं हरिद्वार में बड़े उद्योग हैं यदि इनको माइक्रो स्मॉल उद्योगों द्वारा उत्पाद मिलते हैं और यह नहीं नई तकनीक से उत्पादन कर उनको मैट्रियल देते हैं तो यह अपनी उत्पादन क्षमता भी बढ़ा सकते हैं l लघु उद्योग को स्थापित करने के लिए उनको जीएसटी में 5 वर्ष की राहत दी जानी चाहिए l ट्रांसपोर्ट नीचे तक आने के लिए फ्री कर देना चाहिए पावर सप्लाई में बिजली के बिल में ही राहत प्रदान की जानी चाहिए कागजी कार्रवाई कम से कम हो एवं जिला अधिकारी एवं जिला उद्योग केंद्र एक ही दिन, एक ही मेज पर अनुमति प्रदान कर दें तो यह समयबद तरीके से तेजी से विकसित होंगे और उत्तराखंड के राज्य में राजस्व और रोजगार प्रदान करेंगे l हम सभी को एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े होने पर गर्व है अभिमान है

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