Search for:
  • Home/
  • Breaking News/
  • लोकगायक सौरव मैठाणी टोक्यो (जापान) में बिखेरेंगे लोकसंस्कृति के रंग














लोकगायक सौरव मैठाणी टोक्यो (जापान) में बिखेरेंगे लोकसंस्कृति के रंग

1 फरवरी को टोक्यो में प्रवासी उत्तराखंडियों के सहयोग से भव्य ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ का आयोजन किया जाएगा

उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति एक बार फिर देश की सीमाओं से बाहर अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है। 1 फरवरी 2026 को जापान की राजधानी टोक्यो में प्रवासी उत्तराखंडियों के सहयोग से भव्य ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष सांस्कृतिक उत्सव में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक सौरव मैठाणी अपनी सशक्त और भावनात्मक प्रस्तुति से लोकसंस्कृति के रंग बिखेरेंगे।

यह आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। साथ ही, यह जापान में पहली बार आयोजित हो रहा उत्तराखंडी सांस्कृतिक उत्सव है, जो अपनी विशिष्टता के कारण विशेष महत्व रखता है।

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। पहाड़ी लोकगीतों, लोकनृत्यों, ढोल-दमाऊ की थाप और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से उत्तराखंड की आत्मा को टोक्यो की धरती पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद भी दर्शकों को आकर्षित करेगा।

इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य आयोजक मनमलंग उत्तराखंड फिल्म्स, देसी वॉर्डरोब, मयंक डबराल, बिपिन सैमवाल, मनोज भारद्वाज एवं कुलदीप बिष्ट हैं, जिनके प्रयासों से यह कार्यक्रम साकार हो रहा है।

लोकगायक सौरव मैठाणी इससे पहले कनाडा, लंदन, दुबई, ओमान और सिंगापुर सहित कई देशों में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी गायकी में पहाड़ का दर्द, खुशी, संघर्ष और संस्कृति की आत्मा स्पष्ट रूप से झलकती है, जो श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ देती है।

टोक्यो में आयोजित होने जा रहा ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान, परंपरा और लोकधरोहर को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक ऐतिहासिक प्रयास भी है। यह आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनापन और स्मृतियों से जोड़ेगा, वहीं जापान में उत्तराखंड की संस्कृति की एक नई पहचान कायम करेगा।

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required