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ऋषिकुल आयुर्वेद कालेज के छात्र ने गंगनहर में कूद कर जान दी

ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के एक छात्र ने गंग नहर में कूद कर आत्महत्या कर ली। छात्र के कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने जीवन हारने की बात लिखी है। घटना का पता चलने के बाद कालेज के अन्य छात्र-छात्राओं ने कालेज और उत्तराखंड यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया। छात्र-छात्राओं ने कालेज का मुख्य द्वार बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। बीएएमएस 2022 बैच का छात्र यशपाल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद का रहने वाला था।

बृहष्पतिवार को एग्जाम देने के बाद से यशपाल लापता था। साथी छात्र उसकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार की देर शाम उसका शव पथरी पावर हाउस से बरामद हुआ। साथी छात्र की मौत से आक्रोशित छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में समय से एग्जाम नहीं हो पा रहे हैं। इसलिए डिग्री पूरी होने में 6 से 7 साल तक लग रहे हैं। समय पर परीक्षा नहीं होने से उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजों के छात्र तनाव में है। कालेज प्रबंधन का कहना है कि मृतक छात्र का एग्जाम अच्छा नहीं हुआ था।

जिसका तनाव वह नहीं झेल पाया। ऋषिकुल आयुर्वेद कालेज के हेड अनूप गक्खड़ ने बताया कि छात्र की दो विषय में सप्लीमेंटरी आयी थी। सप्लीमेंटरी एग्जाम अच्छा नहीं होने से छात्र तनाव में था। उन्होंने कहा कि एग्जाम की प्रक्रिया विवि द्वारा तय की जाती है। छात्र अनुराग मौर्य ने बताया कि यशपाल ने एग्जाम में देरी आदि को लेकर तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। विवि और कालेज प्रशासन को कमियों को दूर करना चाहिए। छात्रा साक्षी ने बताया कि छ महीने में होने वाले एग्जाम एक वर्ष में कराए जा रहे हैं। रिजल्ट तीन महीने में आना चाहिए लेकिन एक से डेढ़ साल में घोषित किया जा रहा है। पांच साल की डिग्री के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। परिवार वालों को क्या जवाब दें। सभी छात्र तनाव में है।

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