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दूर दृष्टि वाले राजनेता हैं पुष्कर सिंह धामी,संत शिरोमणि गुरु रविदास की कलश यात्रा के बहाने मुख्यमंत्री ने साधा दलित समाज को,हरिद्वार से शुरू हुई संत शिरोमणि बंधन कलश यात्रा,

हरिद्वार।

दूर दृष्टि वाले राजनेता हैं पुष्कर सिंह धामी,

संत शिरोमणि गुरु रविदास की कलश यात्रा के बहाने मुख्यमंत्री ने साधा दलित समाज को,
हरिद्वार से शुरू हुई संत शिरोमणि बंधन कलश यात्रा,

हरिद्वार।

   संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा के बहाने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार समेत पूरे प्रदेश के दलित समाज को साधने का बखूबी कार्य किया है।उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650 वीं जयंती के अवसर पर गुरु पूर्णिमा से उनके जन्मदिन गुरु रविदास जयंती 20 फरवरी 2027 तक संत रविदास के विभिन्न मंदिरों और संस्थानों में दीपोत्सव, विचार गोष्ठियां, भजन संध्या शोभायात्रा आदि कार्यक्रम व्यापक रूप से चलाए जाएंगे।
 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों देहरादून में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650 वीं जन्म जयंती के कार्यक्रम की भव्य शुरुआत की थी और आज हरिद्वार के सीमांत गांव चुड़ियाला भगवानपुर में संत रविदास के जन्म स्थल बनारस काशी से आई पवित्र कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी के विशेष प्रयासों से कलश बंधन महारैली का भव्य आयोजन किया गया और मुख्यमंत्री धामी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के मंदिर में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया। बड़े ही श्रद्धा भाव से मुख्यमंत्री धामी ने कलश को अपने सिर पर रखकर पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे और कलश को प्रणाम किया। मुख्यमंत्री के श्रद्धा भाव को देखकर इस महा रैली और पदयात्रा में शामिल हुए दलित समाज के लोगों ने जहां संत रविदास की जयकारा का उद्घोष किया, वहीं दलित समाज के लोगों ने भावुक होकर पुष्कर धामी जिंदाबाद,दलित समाज जिंदाबाद के नारे लगाए और पूरा माहौल संत शिरोमणि रविदास की भक्ति में डूब गया। 
   पंजाब से आए दलित समाज के शीर्ष संत निर्मल दास महाराज ने भावुक होते हुए कहा कि पुष्कर सिंह धामी जैसा मुख्यमंत्री मिलना मुश्किल है,जो दलित समाज के विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है और आज जिस तरह से उन्होंने इस कलश यात्रा के पवित्र कलश को अपने सिर पर रखकर पैदल ही शोभायात्रा में भाग लिया। उससे सारा दलित समाज संत समाज गदगद है। मुख्यमंत्री धामी को आशीर्वाद देते हुए संत निर्मल दास महाराज ने कहा कि मेरी उम्र भी युवा मुख्यमंत्री धामी को लग जाए ताकि वह राज्य की लंबे समय तक सेवा कर सके। उनके इतना कहते ही पूरा पंडाल पुष्कर धामी जिंदाबाद के नाम से गूंज उठा। दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दूर दृष्टि वाले राजनेता है और समाज के किस वर्ग को किस तरह से साधा जाए, यह वह बखूबी  जानते हैं। इसलिए उन्हें उत्तराखंड की राजनीति का चाणक्य जाता है।
 इस धार्मिक आयोजन कलश बंधन महारैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश मंगल, शुभारंभ और समृद्धि का प्रतीक है। यह अभियान संत रविदास जी के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है। धामी ने कहा कि संत रविदास जी ने सामाजिक विषमताओं के दौर में प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने समाज को यह शिक्षा दी कि कोई व्यक्ति जन्म से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपने श्रेष्ठ कर्मों और मानव सेवा से महान बनता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब, दलित, वंचित और जरूरतमंद परिवारों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं संत रविदास जी के समरस समाज के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।धामी ने लोगों से संत रविदास जी के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा सामाजिक सद्भाव और जनभागीदारी के माध्यम से भेदभावमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों के विचारों और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समझा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश के बनारस काशी के गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी को देशभर के विभिन्न स्थानों पर कलश यात्राओं के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कार्य केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही संभव हुआ है। 
  इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कलश बंधन यात्रा को प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किए जाने के लिए प्रदेश के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों को कलश प्रदान किए। और राज्य के सभी 13 जिलों में संत शिरोमणि रविदास कलश बंधन यात्रा गांव-गांव तक निकाली जाएगी। इस तरह इस यात्रा के बहाने इस चुनावी वर्ष में भाजपा मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश के गांव-गांव तक दलित समाज में अपनी पेठ बनाने का कार्य करेगी जिसका फायदा भाजपा को 2027 के विधानसभा चुनाव में मिलने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है।

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