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कुंभ नगरी हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर के माध्यम से विकास की गंगा बहा रहे हैं युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 

कुंभ नगरी हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर के माध्यम से विकास की गंगा बहा रहे हैं युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 

 कुंभ नगरी हरिद्वार के सुनियोजित  विकास के लिए पिछले देना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  एक विशेष योजना की नींव रखी गई। और कुंभ 2027 से पहले कुंभ नगरी हरिद्वार और ऋषिकेश के विकास के लिए 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा गलियारे  (कॉरिडोर) के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की विभिन्न आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। उत्तराखण्ड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड द्वारा संचालित इन परियोजनाओं का उद्देश्य हरिद्वार में  आधुनिक, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित सुविधाओं का विकास करना है। इस अवसर पर चार परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग परियोजना का भूमि पूजन किया। साथ ही 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनरुद्धार कार्यों का शिलान्यास किया। कुछ महीने पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में पौराणिक सटीकुंड कनखल  के लिए सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार के कार्य को धरातल पर उतरने के लिए इस योजना का शिलान्यास किया था और अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कुंभ नगरी हरिद्वार को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और आगे बढ़ाने के लिए चार-चार परियोजनाओं का एक साथ शिलान्यास  और भूमि पूजन किया। जिससे कुंभ मेले से पूर्व इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 2027 के कुंभ को एक नई दिशा मिलेगी और तीर्थ यात्रियों को गंगा में स्नान करने और हरिद्वार के आवागमन के लिए सहूलियत  प्रदान होगी। हरिद्वार ऋषिकेश गंगा गलियारा बहुत व्यापक है और अभी इसके अंतर्गत 6 कार्य शुरू किए गए हैं और कुंभ मेले के बाद इस गलियारे के तहत व्यापक स्तर पर कई कार्य किए जाएंगे जिसे हरिद्वार तीर्थ नगरी और ऋषिकेश स्थित नगरी का स्वरूप ही बदल जाएगा और यह शहर सनातन विरासत के साथ-साथ एक नए कलेवर के साथ दिखाई देगा।

     हरिद्वार गंगा गलियारे के तहत के चार प्रमुख परियोजनाओं  हर की पैड़ी–सुभाष घाट पुनर्विकास परियोजना के अंत अंतर्गत हर की पैड़ी, सुभाष घाट क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। बढ़ती संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए धनुष घाट क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, जिससे पवित्र स्नान एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।परियोजना के अंतर्गत धनुष पुल, आस्था पथ एवं बोर्डवॉक पुल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही भीड़ प्रबंधन एवं आपातकालीन निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। गंगा घाट के पैदल मार्ग का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक हो सके। दूसरे इस परियोजना के अंतर्गत हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास परियोजना का उद्देश्य हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है। आगामी कुंभ एवं कांवड़ यात्रा सहित वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग, भीड़ प्रबंधन एवं सार्वजनिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। तीसरी इस परियोजना के अंतर्गत तीसरे कार्य रोड़ी बेलवाला क्षेत्र पुनर्विकास परियोजना के माध्यम से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं आधुनिक वातावरण विकसित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों के अनुरूप आधुनिक आधारभूत संरचना तैयार करना है। और चौथे प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना के तहत प्रशासनिक मार्ग का चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक स्वरूप में विकास किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य हरिद्वार के प्रमुख मार्ग पर सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

मार्ग के उन्नयन से यातायात संचालन में सुधार होगा, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक बनेगी तथा महाकुंभ, कांवड़ यात्रा एवं अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से कुंभ-2027 एवं कांवड़ यात्रा की तैयारियों को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा।

      इन सभी चार परियोजनाओं की आधारशिला रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करना है और इसके लिए  राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। 

उत्तराखण्ड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) द्वारा संचालित इन परियोजनाओं से आगामी कुंभ-2027 की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं एवं कांवड़ यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा तथा पर्यटन, व्यापार, परिवहन, होटल व्यवसाय, हस्तशिल्प एवं अन्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि माँ गंगा की असीम कृपा और संत समाज के आशीर्वाद से प्रारंभ हुई ये परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने के व्यापक दृष्टिकोण एवं सकारात्मक सोच का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल शिलान्यास करने में नहीं, बल्कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से परियोजनाओं को पूर्ण कर जनता को समर्पित करने की कार्यसंस्कृति पर विश्वास करती है। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा गलियारे  के साथ-साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू गलियारा  तथा विवेकानंद गलियारा  जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल मंदिरों का सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना भी है।उन्होंने कहा कि हरिद्वार करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र, भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान तथा सनातन सभ्यता का आध्यात्मिक द्वार है। आगामी कुंभ-2027 भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व होगा। राज्य सरकार इसे इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित महाकुंभ बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। आज जिन चार परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है, वे भी इसी व्यापक तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार को आस्था के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी नगरों में विकसित किया जा रहा है। तीर्थ नगरी हरिद्वार में  श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी परियोजना तथा हर की पैड़ी से माँ चंडी देवी और माँ मनसा देवी तक रोपवे परियोजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। 

      उत्तराखण्ड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव और मीनाक्षी सुंदरम का कहना है कि हरिद्वार गंगा गलियारे के निर्माण से निश्चित ही हरिद्वार ऋषिकेश तीर्थ नगरी का सुनियोजित विकास होगा और एक आधारभूत ढांचा खड़ा होगा जो भविष्य के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

 कुंभ मेला अधिकारी हरिद्वार सोनिका का कहना है कि हरिद्वार गंगा गलियारे के निर्माण से कुंभ मेले में तीर्थ यात्रियों के लिए कई सुविधाएं विकसित होंगे और कुंभ को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में मदद मिलेगी। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है कि हरिद्वार गंगा गलियारे के अंतर्गत जो कार्य किया जा रहे हैं वह हरिद्वार के स्थाई विकास के साथ-साथ हरिद्वार में साल भर लगने वाले विभिन्न मेलों के लिए अत्यंत सुविधाजनक होंगे।

    अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्री महंत डॉ रविंद्रपुरी महाराज का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा गलियारे के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का शिलान्यास करके तीर्थ नगरी हरिद्वार के विकास के लिए नए द्वार खोल दिए हैं जिसके लिए अखिल भारतीय कला परिषद उनका स्वागत करती है और उन्हें साधुवाद  देती है।

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