परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी 74वां जन्मदिन पर्यावरण रक्षा दिवस के रूप में मनाया गया, योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज और संतों ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती को परमार्थ पीठाधीश्वर के रूप में अलंकृत किया,
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी 74वां जन्मदिन पर्यावरण रक्षा दिवस के रूप में मनाया गया, योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज और संतों ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती को परमार्थ पीठाधीश्वर के रूप में अलंकृत किया,
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि महाराज का परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में गंगा के पावन तट पर आयोजित एक भव्य समारोह में 74वां प्राकट्य दिवस पर्यावरण रक्षा दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर संत समागम का आयोजन किया गया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज का पावन अवतरण दिवस पर्यावरण महोत्सव के रूप में मनाया गया इस अवसर पर साधु संतों ने ऋषिकेश में गंगा तट पर 75 हजार पौधों के रोपण व संरक्षण का महासंकल्प लिया है क्योंकि स्वामी चिदानंद मुनि महाराज 75 वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।इस अवसर पर आयोजित संत समागम में सभी संतो ने स्वामी चिदानन्द मुनि सरस्वती महाराज को शतायु, दिव्यायु और दीर्घायु होने की शुभकामनाएँ दी। योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज और संतों ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती को परमार्थ पीठाधीश्वर के रूप में अलंकृत किया।यमुना जी के पावन तटों पर लाखों-लाखों पौधों के रोपण करने की योजना बनाई गई। इतिहास के कुछ क्षण युगों की दिशा निर्धारित करते हैं। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, आध्यात्मिक जगत के प्रेरणास्रोत, सेवा, साधना और संस्कारों के पर्याय स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के 75वें वर्ष में प्रवेश का पावन अवसर ऐसा ही एक दिव्य, विलक्षण और ऐतिहासिक क्षण है। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के प्रांगण में योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज, दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज, महंत रविन्द्र पुरी महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती, संत मुरलीधर महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतानन्द महाराज, स्वामी वेदविद्यानन्द महाराज हैदराबाद, महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वरदास महाराज, स्वामी दयाराम दास महाराज, मूर्तिमन्त प्रभु जी, पूज्य स्वामी जयंत सरस्वती महाराज, स्वामी शुक्राईना तथा अनेक संतों एवं विभूतियों का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।परमार्थ निकेतन द्वारा स्वामी जी के अवतरण दिवस को “पर्यावरण महोत्सव” के रूप में मनाते हुए 75 हजार पौधों के रोपण का महासंकल्प संत मुरलीधर महाराज ने लिया। इस पावन अभियान का शुभारम्भ परमार्थ निकेतन परिसर में दिव्य रुद्राक्ष के पौधे के रोपण के साथ हुआ, जो वास्तव में आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, हरियाली और आशा का रोपण है। जैसे ही 75 हजार पौधों के रोपण की घोषणा व्यासपीठ से अनेक श्रद्धालुओं व भक्तों ने अपने संकल्पों को दोहराया कि हम भी अपने जन्मदिवस, विवाहदिवस, पर्व व त्यौहारों के अवसर पर एक से लेकर 11 हजार, 21 हजार पौधों का रोपण करेंगे, ऐसे अनेक संकल्प की गूंजें और हरित जन्मदिवस मनाने की प्रेरणा जागृत हुई।



