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निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर उत्तराखंड में शोक की लहर, राज्यपाल,मुख्यमंत्री ने गहरा शोक जताया

निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर उत्तराखंड में शोक की लहर, राज्यपाल,मुख्यमंत्री ने गहरा शोक जताया

देहरादून।

उत्तराखंड के मूल निवासी औरप्रख्यात अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज, पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ी और भारतीय निशानेबाजी के गौरव जसपाल राणा के निधन से उनके जन्मस्थान उत्तरकाशी समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके आकस्मिक निधन को खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए राज्यपाल सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने अपने अद्वितीय खेल कौशल, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के बल पर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। खिलाड़ी और प्रशिक्षक दोनों रूपों में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए वे प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तरकाशी में हुआ था। उस समय उनके पिता नारायण सिंह राणा भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस में तैनात थे। उत्तरकाशी नगर के रामलीला मैदान क्षेत्र स्थित एक किराए के मकान में उनका बचपन बीता। साधारण परिवेश में पले-बढ़े जसपाल राणा ने अपने कठिन परिश्रम और लगन के बल पर विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन किया और निशानेबाजी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके पिता उत्तराखंड की पहली नित्यानंद स्वामी सरकार में खेल राज्य मंत्री थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों से न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रेरित कर खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा का निधन खेल जगत, उत्तराखंड तथा राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना है।जसपाल राणा के बचपन के पड़ोसी रहे पृथ्वी दत्त नैथानी ने उन्हें याद करते हुए बताया कि बचपन से ही उनमें अनुशासन, एकाग्रता और कुछ अलग करने का जज्बा दिखाई देता था। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी की धरती के लिए यह गर्व का विषय है कि इसी भूमि ने ऐसे सपूत को जन्म दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का तिरंगा बुलंद किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों से न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रेरित कर खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा का निधन खेल जगत, उत्तराखंड तथा राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना है।

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